तुम दलित हो इसलिये तुम पर अत्याचार होते है |
चलो उठो ... इंसान बनो...
तब कोई तुम्हारी तरफ़ आंख उठानेकी भी हिम्मत नही करेगा |
दलित बने रहोगे तो कोई इंसान नही समझेगा |
अब तो जागो,
क्या तुम मे जरा सा भी स्वाभिमान नही |
चलो उठो ... इंसान बनो...
तब कोई तुम्हारी तरफ़ आंख उठानेकी भी हिम्मत नही करेगा |
दलित बने रहोगे तो कोई इंसान नही समझेगा |
अब तो जागो,
क्या तुम मे जरा सा भी स्वाभिमान नही |
By : अनिरुद्ध लोखंडे
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